जाने अपनी राशी के अनुसार कैसा रहेगा साल 2025 आपके लिए।
Rashifal 2025 in Hindi
मेष राशिफल 2025
शनि-एकादश में शुभ है। लम्बी बिमारी से ग्रस्त लोगों को स्वास्थ्य का लाभ होगा।
29 मार्च को शनिदेव का प्रवेश मीन राशि में होगा। विघ्न तथा कष्ट बने रहेंगे। संतान पक्ष को व्याधियो से कष्ट होगा।
गुरु-द्वितियस्थ अच्छा नहीं है। यह दुःख कलह विवाद कराएगा।
14 मई से 18 अक्टूबर तक मिथुन का गुरु पूज्य है। विशेष प्रयास आपको करना होगा। आर्थिक दृष्टि से गुरु अभ्युन्नती की और ले जाएगा।
18 अक्टूबर से 05 दिसंबर तक कर्क का गुरु आर्थिक लेन-देन के प्रति सचेत करता है। मित्रो से तनाव रहेगा।
राहु-मीन का द्वादश राहु अशुभ है। शारीरिक, बैद्धिक व मानसिक कष्ट बढेगा। मेष राशि वालो का एकादश राहु शुभ है।
18 मई से कुंभ का राहु दैनिक कामकाज में उन्नति कराएगा। केतु-छठवे आमदनी के नए स्त्रोत्र बनाएगा। 18 मई से सिंह का केतु पूज्य है, आर्थिक लाभ होगा।
वृष राशिफल 2025
शनि-वृष राशी वालो का दशम शनि कुंभ में शुभ है। श्रम व संघर्ष की स्थिति बनी रहेगी। 29 मार्च को शनिदेव का प्रवेश मीन राशी में होगा। एकादश में शनि शुभ है। नए पद एवं अधिकारों में वृद्धि होगी।
गुरु-वृष राशि वालो का जन्मस्थ गुरु पूज्य है। यह भाग्य में वृद्धि से सहायक होगा। 14 मई से 18 अक्टूबर तक मिथुन का गुरु वृष राशी वालो को द्वितीयस्थ गुरु दुख, कलह और विवाद कराएगा।
18 अक्टूबर से 05 दिसंबर तक कर्क का गुरू पूज्य है। आर्थिक दृष्टि से गुरू अभ्युन्नति की ओर ले जायेगा। राहु-वृष राशि वालो का एकादश राहु शुभ है। दैनिक काम-काज उन्नति पर रहेगा।
18 मई से कुंभ का राहु सामयिक कार्यो में सफलता दिलाएगा और आस्था में वृद्धि करेगा।
केतु-वृष राशि वालो को पंचमस्थ केतु पूज्य है, आर्थिक लाभ के योग है। 18 मई से सिंह का चतुर्थ केतु अशुभ है, बाधा उत्पन्न होगी।
मिथुन राशिफल 2025
शनि नवम पूज्य है, मान-सम्मान में कमी होगी। जीवन दुखी होगा। 29 मार्च को शनिदेव का प्रवेश मीन राशी में होगा, श्रम व संघर्ष रहेगा पर समय-समय पर धन की प्राप्ति होती रहेगी।
बारहवे गुरू नेष्ट है, स्वास्थ्य कमजोर रहेगा, सहयोगीजनो से वैमनस्य बढेगा। 14 मई से 18 अक्टूबर तक मिथुन का जन्मस्थ गुरू पूज्य है, यह भाग्य वृद्धि में सहायक होगा।
18 अक्टूबर से 05 दिसंबर तक कर्क का गुरू कार्य क्षेत्र में उन्नति एवं सफलता तथा अभीष्ट सिद्धि कठिन संघर्ष से ही प्राप्त होगी।
राहु-दशमस्थ शुभ है, सामयिक कार्यो में सफलता मिलेगी। 18 मई से कुंभ का नवम राहु पूज्य है, पारिवारिक विरोध और खर्च में वृद्धि होगी। चतुर्थ केतु अशुभ है, काम-धंधे में बाधा उत्पन्न होगी।
18 मई से सिंह का केतु शुभ और प्रभावी होने से रोग, ऋण, शत्रु आदि का भय दूर होगा।
कर्क राशिफल 2025
अष्टम शनि अशुभ है, कष्ट वाद-विवाद व कलह की स्थिति बनी रहेगी। 29 मार्च को शनिदेव का मीन राशि में प्रवेश होगा। नवम शनि पूज्य है, कलह एवं व्याधियो से जीवन दुखी रहेगा।
गुरू ग्यारहवे शुभ है, सर्वसिद्धि करक रहेंगे। 14 मई से 18 अक्टूबर तक मिथुन का बारहवे गुरू नेष्ट हैं, अतः स्वास्थ्य कमजोर रहेगा, सहयोगीजनों से वैमनस्य बढ़ेगा।
18 अक्टूबर से 05 दिसंबर तक कर्क का जन्मस्थ गुरू पूज्य है, यह भाग्य वृद्धि में सहायक रहेगा।राहु पूज्य है।
पारिवारिक विरोध रहेगा, भाग्योदय में रुकावते आएँगी। 18 मई से अष्टमस्थ राहु अशुभ है, समस्याओं की जटिलता बढ़ जाएगी।
केतु रोग, ऋण, शत्रु का भय दूर करेगा। भूमि, वाहन आदि के सुख के योग है।
18 मई से सिंह का द्वितियस्थ केतु पूज्य है, वाणी की कठोरता से लोगों से सम्बन्ध कटु हो सकते है।
सिंह राशिफल 2025
शनि सप्तम भाव में पूज्य है, आर्थिक समस्याओ से छुटकारा मिलेगा, रुके हुए धन की प्राप्ति होगी।
29 मार्च को शनिदेव का प्रवेश मीन राशि में होगा, राजकीय पक्ष से विरोध होगा। गुरु दशमस्थ पूज्य है, अनावश्यक परिवर्तन से हानि होगी, और मानसिक चिंता रहेंगी।
14 मई से 18 अक्टूबर तक मिथुन के ग्यारहवें गुरू शुभ है, और सर्वसिद्धि कारक रहेंगे।
18 अक्टूबर से 05 दिसंबर तक कर्क के बाहरवें गुरू नेष्ट है, अतः स्वास्थ्य कमजोर रहेगा।
अष्टमस्थ राहु अशुभ है, अतः समस्याओ की जटिलताएँ बढ़ जाएँगी, शारीरिक स्वास्थ्य अनुकूल नहीं रहेगा।
18 मई से कुंभ के सातवें राहु पूज्य है, परिश्रम से सफलता मिलेगी। केतु द्वितीयस्थ पूज्य है, धन पक्ष के प्रति सचेत रहें।
18 मई से सिंह का जन्मस्थ केतु श्रम और संघर्ष की शक्ति देकर सफल जीवन का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
कन्या राशिफल 2025
छठे शनि शुभ हैं, यश-कीर्ति तथा कार्य में लाभ एवं सफलता मिलेगी, रोगों से छुटकारा मिलेगा।
29 मार्च को शनिदेव का प्रवेश मीन राशी में होगा, जिससे आर्थिक समस्याओ से छुटकारा मिलेगा।
भाग्यस्थ गुरु शुभ फल प्रदायक है, गुरु का आगमन आपको श्रेष्ठ स्थिति की ओर ले जाने वाला सिद्ध होगा।
14 मई से 18 अक्टूबर तक मिथुन के दशमस्थ गुरु पूज्य है, यह कठोर श्रम, संघर्ष, परेशानियों, और उलझनों को बढ़ाने वाला ही साबित होगा।
18 अक्टूबर से 05 दिसंबर तक कर्क के ग्यारहवें गुरू शुभ और सर्वसिद्धि कारक रहेंगे।
राहु-सातवें राहु पूज्य है, इसीलिए आवश्यक कामो में परिश्रम से सफलता मिलेगी।
18 मई से कुंभ के छठवें राहु शुभ है, आरोग्य सुख उत्तम रहेगा।
जन्मस्थ केतु सफल जीवन का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
18 मई से सिंह के द्वादस्थ केतु अशुभ होंगे, निरर्थक से यात्रा से बचें।
तुला राशिफल 2025
शनि पांचवें पूज्य है, परिश्रम एवं संघर्ष से ही कार्य में सफलता मिलेगी।
29 मार्च को शनिदेव का प्रवेश मीन राशि में होगा, यश कीर्ति तथा कार्य में लाभ मिलेगा।
गुरू अष्टम भाव में गुरू नेष्ट है, आशा की किरण दिखाई पड़ेगी।
14 मई से 18 अक्टूबर तक मिथुन के दशमस्थ गुरू पूज्य है, यह कठोर श्रम, संघर्ष, परेशानियों और उलझनों को बढाने वाला होगा।
18 अक्टूबर से 05 दिसंबर तक कर्क के दशमस्थ गुरू पूज्य है, मानसिक चिंता में वृद्धि, विरोध पक्ष के कारण कार्यो में गतिरोध, व्यवधान रहेंगे।
छठवें राहु शुभ है, आरोग्य सुख उत्तम रहेगा।
18 मई से कुंभ के पंचम राहु पूज्य है, चित्त अशांत रहेगा।
केतु द्वादस्थ अशुभ होगा, स्वास्थ्य के प्रति यदा-कदा अचेष्टा आवश्यक होगी।
18 मई से सिंह के एकादश केतु शुभ प्रभाव बढ़ाने वाले है।
वृश्चिक राशिफल 2025
चतुर्थ शनि अशुभ है, नौकरी पेशा वालो का स्थान परिवर्तन संभव है।
29 मार्च को शनिदेव का प्रवेश मीन राशि में होगा, परिश्रम से ही कार्य में सफलता संभव है।
गुरू सातवें शुभ है, यह श्रेष्ठ प्रभाव उत्पन्न करेगा, आर्थिक दृष्टि से गुरू सफलतादायी है।
14 मई से 18 अक्टूबर तक मिथुन के गुरू कठिनाई में भी आशा की किरण दिखायेंगे। आर्थिक क्षेत्र में असंतुलन बढ़ेगा।
18 अक्टूबर से 05 दिसंबर तक कर्क के गुरू का आगमन आपको श्रेष्ठ स्थिति की ओर ले जाने वाला होगा।
राहु के कारण श्रम से किये हुए कार्य की भी सफलता संदिग्ध रहने की आशंका है।
18 मई से कुंभ के चौथे राहु अशुभ है, कार्य की प्रगति में बाधा पहुंचेगी।
केतु एकादश शुभ प्रभाव बढ़ाने वाले है। 18 मई से सिंह के दशमस्थ केतु बुद्धि चातुर्य से कठिन कामो को भी अंजाम दे पाएंगे।
धनु राशिफल 2025
तीसरे शनि श्रेष्ठ है, लेकिन श्रम और संघर्ष की स्थिति बनी रहेगी।
29 मार्च को शनिदेव का प्रवेश मीन राशि में होगा। चतुर्थ शनि अशुभ है, दुःख एवं कलह और विवाद की स्थिति बनाएगा।
छठवें गुरू पूज्य है, यह परेशानियों को बढ़ाने वाला होगा।
14 मई से 18 अक्टूबर तक मिथुन के सातवें गुरू शुभ है, यह श्रेष्ठ प्रभाव उत्पन्न करेंगे।
18 अक्टूबर से 05 दिसंबर तक कर्क के अष्टम भाव में गुरू नेष्ट है, आर्थिक क्षेत्र में असंतुलन बढ़ेगा।
चौथे राहु अशुभ है, कार्य की प्रगति में बाधा पहुंचेगी।
18 मई से कुंभ तीसरे राहु शुभ प्रभावी है, मन की बेचैनी दूर होगी।
केतु दसवें शुभ प्रभावी है। 18 मई से सिंह के नवम केतु पूज्य है, घर-परिवार के दायित्व का निर्वाह करेंगे।
मकर राशिफल 2025
शनि द्वितीय पूज्य है, इससे स्थान परिवर्तन की अधिक संभावनाएं है।
29 मार्च को शनिदेव मीन राशी में प्रवेश करेंगे, जिससे श्रम और संघर्ष की स्थिति बनी रहेगी।
पंचम स्थान में गुरू शुभ है, अनुकूल परिणाम पाने के लिए विशेष प्रयास भी करना पड़ेगा।
14 मई से 18 अक्टूबर तक मिथुन के छठवें गुरू पूज्य है, जिससे कार्यो में आकस्मिक व्यवधान उत्पन्न होगा और स्वास्थ्य में बाधा रहेगी।
18 अक्टूबर से 05 दिसंबर तक कर्क के सातवें गुरू शुभ है, विचारो में सहिष्णुता और परोपकार की भावना का उदय होगा।
तीसरे राहु शुभ प्रभावी है, मन की बेचैनी दूर होगी।
18 मई से कुंभ के दूसरे राहु पूज्य है, जो स्वास्थ्य की दृष्टि की प्रतिकूल है।
नवम केतु पूज्य है, घर परिवार के दायित्वों का सहजता से निर्वाहन करेंगे।
18 मई से सिंह के आठवें केतु कष्टप्रदायक है, जिससे क्रोध में अधिकता रहेगी।
कुंभ रशिफल 2025
शनि जन्मस्थ पूज्य है, अतः सुख दुःख समान रूप से चलते रहेंगे।
29 मार्च को शनिदेव का प्रवेश मीन राशी में होगा, और द्वितीय भाव में शनि पूज्य है, जिससे स्थान परिवर्तन की संभावना है।
गुरू चतुर्थ स्थान में अशुभ है, अतः आपका प्रयास और परिश्रम ही आपकी परेशानियों को कम करेगा।
14 मई से 18 अक्टूबर तक मिथुन के पंचम गुरू शुभ है, यह श्रेष्ठ प्रभाव उत्पन्न करेंगे।
18 अक्टूबर से 05 दिसंबर तक कर्क के छठवें गुरू पूज्य है, कार्यो में आकस्मिक व्यवधान उत्पन्न हो सकते है।
दुसरे राहु पूज्य है, मानसिक उलझनों में वृद्धि होगी।
18 मई से कुंभ के जन्मस्थ राहु पूज्य है, जिस कारण अव्यवस्थित दिनचर्या रहेगी और दौड़-भाग निरर्थक साबित हो सकते है।
आठवे केतु कष्टप्रद है, परिवार में विघटन की स्थितियां बन सकती है।
18 मई से सिंह के सप्तमस्थ केतु के कारण परिवार में मनमुटाव रहेगा।
मीन राशिफल 2025
शनि-द्वादश शनि अशुभ है, विघ्न तथा कष्ट बने रहेंगे।
29 मार्च को शनिदेव का प्रवेश मीन राशी में होगा, और जन्मस्थ शनि पूज्य है, मानसिक शक्ति कमजोर होगी। जीवन साथी व अपने घनिष्ठ कुटुम्बियो से विवाद हो सकता है।
गुरू तृतीय भाव में पूज्य है, आर्थिक दृष्टि से गुरू अभ्युन्नति की ओर लें जायेंगे।
14 मई से 18 अक्टूबर तक मिथुन के चतुर्थ गुरू अशुभ है, अतः सुख-सौभाग्य में कमी होने के साथ ही आर्थिक दृष्टि से भी वर्ष कम महत्वपूर्ण रहेगा।
18 अक्टूबर से 05 दिसंबर तक कर्क के पंचमस्थ गुरू शुभ है तो अनुकूल परिणाम प्राप्त करने के लिए विशेष प्रयास भी करने होंगे।
जन्मस्थ राहु पूज्य है, अव्यवस्थित दिनचर्या रहेगी।
18 मई से कुंभ के द्वादश राहु अशुभ है, शारीरिक, बौद्धिक, मानसिक कष्ट बढ़ेगा।
सप्तमस्थ केतु पूज्य है, पारिवारिक मनमुटाव रहेगा। 18 मई से सिंह के छठवें केतु शुभ प्रभावी है।