Har Baat Hogi Khaas…
भारत के पहले टेस्ट ट्यूब बेबी के जनक!
अन्तरिक्ष में खिले फूल की तस्वीर आई सामने।
अन्तरिक्ष यात्रियों ने बदले अपने यान।
भारत के पहले टेस्ट ट्यूब बेबी का जन्म करवाने वाले डॉक्टर सुभाष मुखोपाध्याय का जन्म 16 जनवरी सन 1931 को हजारीबाग में हुआ था।
डॉक्टर सुभाष ने एक महिला की गोद भरने के लिए कोलकाता में इन विट्रो फर्टिलाइजेशन(IVF) का प्रयोग करना शुरू किया।
डॉक्टर सुभाष के प्रयासों से 03 अक्टूबर, सन 1978 को भारत की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी का जन्म हुआ।
भारत की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी का नाम था कनुप्रिया अग्रवाल।
दुनिया की पहली टेस्ट ट्यूब बेबी थी लुईस ब्राउन और इसका जन्म IVF तकनीक से ब्रिटेन में हुआ था।
डॉक्टर सुभाष ने ने टेस्ट भारत के पहले ट्यूब बेबी की उपलब्धि दुनिया के पहले टेस्ट ट्यूब बेबी के जन्म के 67 दिन प्राप्त कर ली थी।
डॉक्टर सुभाष ने अपने काम को मान्यता ना मिलने के कारण 19 जून, 1981 में आत्महत्या कर ली थी।
डॉक्टर सुभाष को उनकी मृत्यु के पश्चात् उनकी इस उपलब्धि का श्रेय मिला था।
16 जनवरी साल 2016 में अन्तरिक्ष यात्री स्कोट केली ने अन्तराष्ट्रीय अन्तरिक्ष स्टेशन पर उगे फूल की फोटो ट्विटर पर साझा की थी।
अन्तरिक्ष में उगाया गया पहला फूल जिनजिया था।
इस पौधे को नासा ने वेजी प्लांट ग्रोथ सिस्टम में LED लाइट का उपयोग करके उगाया था।
16 जनवरी सन 1969 को सोवियत अन्तरिक्ष यान सोयूज-4 और सोयूज-5 के बीच अन्तरिक्ष यात्रियों को एक दुसरे यान में स्थानांतरित करने वाले पहले यान बने थे।
एलेक्सी येलिसेयेव और येवगेनी खुनोव सोयूज-5 से हैण्डरेल का उपयोग करते हुए तैरते हुए सोयूज-4 में पहुंचे थे।